UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व)
UP Board Solutions
for Class 8 Hindi
Chapter 14
छत्रसाल
(महान व्यक्तित्व)
पाठ का सारांश
छत्रसाल ओरछा के राजा चम्पतराय के पुत्र थे। इनकी माता का नाम सारन्धी था। पिता ने इनको रानी के साथ मायके भेज दिया और चार वर्ष तक वे वहीं पर रहे। सात वर्ष की अवस्था में इनकी शिक्षा प्रारम्भ हुई और तीन वर्ष में ये एक कुशल सैनिक बन गए। सोलह वर्ष की अवस्था में इनके माता-पिता का स्वर्गवास हो गया।
इन्होंने अपने बड़े भाई से मिलकर बुन्देलखण्ड का राज्य दोबारा स्थापित करने की योजना बनाई। अपनी माता के जेवर को बेचकर तीन सौ सैनिकों की एक सेना तैयार करके इन्होंने कुशलता से युद्ध करना प्रारम्भ कर दिया। उनके शासन में प्रजा सुखी थी।
भूषण और लाल कवि इनके दरबार में थे। वे विद्वानों तथा कवियों का आदर करते थे। सन् 1731 में 83 वर्ष की आयु में इनकी मृत्यु हो गई। इन्होंने अपनी समस्त जीवन देश तथा जाति की भलाई में लगा दिया। छत्रसाल भारतमाता की वीर तथा महान सन्तान थे। शिक्षा-जीवन की सफलता कर्तव्यपरायणता में है।
अभ्यास-प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
प्रश्न 1.
छत्रसाल का जन्म कब और किस वातावरण में हुआ?
उत्तर :
त्रसाल का जन्म सन् 1648 ई० में पहाड़ी तथा जंगली प्रदेश के वातावरण में हुआ।
प्रश्न 2.
छत्रपति शिवाजी ने छत्रसाल को क्या उपदेश दिया?
उत्तर :
छत्रपति शिवाजी ने छत्रसाल को उपदेश दिया कि वीरता से लड़ो, लालच कभी मत करो, अधर्म कभी मत करो और किसी धर्म या जाति से द्वेष न करो।।
प्रश्न 3.
छत्रसाल की प्रशंसा में किस कवि ने कविताएँ लिखीं?
उत्तर :
छत्रसाल की प्रशंसा में कवि भूषण ने कविताएँ लिखीं?
प्रश्न 4.
औरंगजेब छत्रसाल को क्यों न हरा सका?
उत्तर :
क्योंकि छत्रसाल के लड़ने का ढंग बहुत कौशलपूर्ण था, ये और इनके भाई सेना का संचालन करते थे, ये पहाड़ी प्रदेशों में भी कुशलता से लड़ते थे। इन स्थानों की इन्हें विशेष जानकारी थी।
प्रश्न 5.
छत्रसाल का राज्य प्रबंध कैसा था?
उत्तर :
छत्रसाल का राज्य प्रबंध बहुते उत्तम और प्रजा को सुखी बनाने वाला था। कोई व्यक्ति यदि स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करता तो उसे कठोर दण्ड देते थे। सारा राज-काज इन्हीं की आज्ञा से चलता था। प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह कितना ही छोटा हो, इनसे मिल सकता था। ये सबकी विनती और बात ध्यान से सुनते थे तथा सबकी सहायता करते थे।
.png)