UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 33 श्रीनिवास रामानुजन (महान व्यक्तित्व)

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for Class 6 Hindi

Chapter 33

श्रीनिवास रामानुजन

(महान व्यक्तित्व)

पाठ का सारांश

श्रीनिवास रामानुजन का जन्म तमिलनाडु के इरोड गाँव में 22 दिसम्बर, 1887 ई० को हुआ था। वे साधारण परिवार के थे। बचपन से ही गणित में इनंकी विशेष रुचि थी। ये आगे की कक्षाओं की गणित की किताबें माँगकर पढ़ते और स्लेट पर प्रश्न हल करते थे। सोलह वर्ष की उम्र में इन्होंने प्रथम श्रेणी में मैट्रिक परीक्षा पास की। इन्हें छात्रवृति मिलने लगी, जो अगले वर्ष एफ०ए० (इण्टर प्रथम वर्ष) में फेल होने से बन्द हो गई। रामानुजन ने प्राइवेट परीक्षा दी, परन्तु ये सफल न हुए। इन्होंने घर पर ही गणित पर मौलिक शोध करना शुरू कर दिया शादी हो जाने के कारण इन्हें मद्रास ट्रस्ट पोर्ट में क्लर्क की नौकरी करनी पड़ी।

दफ्तर के अधिकारी ने इनके गणित के सूत्रों से भरे कागजों को इग्लैंड के महान गणितज्ञ जी०एच० हार्डी के पास भेजा। हार्डी ने अनुभव किया कि रामानुजन जैसी प्रतिभा को अँधेरे से निकालना चाहिए। रामानुजन को इग्लैंड बुलाया गया और इनके शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए, जिसे पढ़कर पाश्चात्य विद्वान आश्चर्यचकित रह गए। रामानुजन ने इग्लैंड में रहते हुए अपना खान-पान आचार-विचार और व्यवहार पूर्णतया भारतीय रखा। गणित के क्षेत्र में इनके शोध कार्य से इनकी प्रतिष्ठा बढ़ती गई। इंग्लैंड की रॉयल सोसाइटी ने 1918 ई० में इन्हें अपनी फेलो (सम्मानित सदस्य) बनाकर सम्मानित किया। सम्पूर्ण एशिया में यह सम्मान पानेवाले रामानुजन पहले भारतीय थे। ये बीमारी के कारण स्वदेश लौट आए। 26 अप्रैल, 1920 ई० को तैंतीस वर्ष की अल्प आयु में इनका निधन हो गया। रामानुजन जैसे महान गणितज्ञ पर सभी भारतीयों को गर्व है।

अभ्यास

प्रश्न 1.
रामानुजन को विद्यालय की पढ़ाई क्यों छोड़नी पड़ी?
उत्तर :
रामानुजन एफ०ए० (इण्टर प्रथम वर्ष) की परीक्षा में फेल हो गए और छात्रवृत्ति बन्द हो गई। घर की आर्थिक दशा अच्छी नहीं थी; इसलिए इन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

प्रश्न 2.
कार्यालय के अधिकारी ने स्वयं को क्यों धिक्कारा?
उत्तर :
क्या यह प्रतिभाशाली युवक क्लर्क की कुर्सी पर बैठने लायक है?” यह कहकर अधिकारी ने स्वयं को धिक्कारा।

प्रश्न 3.
रामानुजन के बारे में प्रो० हार्डी ने क्या टिप्पणी की थी?
उत्तर :
प्रो० हार्डी ने टिप्पणी की थी कि रामानुजन जैसी प्रतिभा को अँधेरे से बाहर निकालना ही चाहिए।

प्रश्न 4.
सही विकल्प चुनिए –

रामानुजन के लिये गणित

(क) एक कठिन विषय था।
(ख) हास्यास्पद विषय था।
(ग) रोचक विषय था, जिसे खेल-खेल में सीखा जा सकता है।
(घ) बच्चों का विषय नहीं था।

उत्तर :

(ग) रोचक विषय था, जिसे खेल-खेल में सीखा जा सकता था।

रामानुजन ने सवाल तुरन्त हल कर दिया; क्योंकि –

(क) सवाल अत्यंत सरल था।
(ख) वह उससे संबंधित सूत्र बड़ी कक्षा की किताब पढ़कर जान चुके थे।
(ग) उन्होंने उत्तर किसी से पूछ लिया था।
(घ) यह सवाल गुरु जी पहले ही हल करा चुके थे।

उत्तर :

(ख) वह उससे सम्बन्धित सूत्र बड़ी कक्षा की किताब पढ़कर जान चुके थे।

प्रश्न 5.
सही अथवा गलत का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर) –
उत्तर :

(क) रामानुजन मैट्रिक की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए; क्योंकि उन्होंने गणित के अलावा अन्य विषयों की बहुत कम तैयारी की थी। (✗)
(ख) रामानुजन खान-पान और व्यवहार में पूर्णतः भारतीय थे। (✓)
(ग) दफ्तर के मध्यावकाश के समय में रामानुजन जलपान करते थे। (✗)

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